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शंभू महादेव

कवियत्री – सौ.अनिता गुजर

महा शिवरात्री, मराठी, कविता
महा शिवरात्री, मराठी, कविता

त्रैलोक्याचा राणा | शंभू महादेव |
देवांचा तो देव | रुद्ररूप ||१||

नको करू स्तोम | दान दक्षिणांचे |
त्या प्रदक्षिणांचे | व्यर्थ सारे ||२||

हरी ओम मंत्र | सदा जप मनी |
पाप विमोचनी | होई भस्म ||३||

महारुद्र शिव | शंभो हरहर |
निलकंठेश्वर | भोलानाथ ||४||

आवड बेलाची | वहा निरंतर |
स्मरा अवांतर | शिवशंभो ||५||

ज्योतिर्लिंगांमध्ये | जागृत ठिकाण |
सर्वां त्याची जाण | सोमेश्वर ||६||

शुभंकरावरी | ज्याची असे श्रद्धा |
सरते विपदा | अखंडीत ||७||

सौ.अनिता गुजर

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माणसानं दगडाचा देव कसा घडविला पण माणुसकी धर्म पायदळी तुडविला ||

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